लखनऊ: नीले ड्रम कांड की दहशत अभी कम भी नहीं हुई थी कि नवाबों के शहर में एक और रूह कंपा देने वाली वारदात ने सनसनी फैला दी है। बीकेटी (बख्शी का तालाब) इलाके के किशनपुर गांव निवासी 38 वर्षीय विजय पाल का शव रविवार सुबह एक वेज बिरयानी की दुकान के डीप फ्रीजर में मिलने से हड़कंप मच गया।
तीन दिन से लापता था विजय
जानकारी के मुताबिक, विजय पाल शुक्रवार दोपहर से लापता थे। परिजन उनकी तलाश में जुटे थे, लेकिन उनका सुराग सीधा मौत की खबर के साथ मिला। जीसीआरजी कॉलेज गेट के सामने स्थित यह बिरयानी शॉप पिछले तीन दिनों से बंद थी। रविवार सुबह जब दुकान के अंदर से पुलिस को विजय की लाश मिली, तो हर कोई दंग रह गया।
मौत का 'फ्रीजर कनेक्शन': साजिश या हादसा?
पुलिस के लिए यह मामला किसी पहेली से कम नहीं है। घटनास्थल पर मिले सबूत कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं:
चप्पलों का रहस्य: विजय की एक चप्पल सड़क के किनारे मिली, जबकि दूसरी दुकान के अंदर। यह इस बात का संकेत है कि मौत से पहले वहां कोई न कोई खींचतान जरूर हुई थी।
निशान रहित शरीर: चौंकाने वाली बात यह है कि विजय के शरीर पर चोट के कोई प्रत्यक्ष निशान नहीं मिले हैं, जिससे पुलिस की हैरानी और बढ़ गई है।
हत्या की आशंका: दुकान तीन दिनों से बंद थी, जिसका फायदा उठाकर कातिल ने लाश को ठिकाने लगाने के लिए डीप फ्रीजर का इस्तेमाल किया।
पुलिस की जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शव को तुरंत पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा, हालांकि शुरुआती रिपोर्ट में मौत का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। परिजनों ने फिलहाल किसी पर शक नहीं जताया है, लेकिन बिरयानी की दुकान के अंदर लाश का मिलना एक बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है।
सवाल अब भी बरकरार है: क्या विजय को जिंदा फ्रिज में बंद किया गया या हत्या के बाद शव को वहां छिपाया गया? लखनऊ पुलिस अब दुकान के मालिक और आसपास के सीसीटीवी कैमरों के सहारे कातिल तक पहुंचने की कोशिश gकर रही है।

